वीडी शर्मा की टीम में सिंधिया समर्थकों को नहीं मिली जगह

The Fact India: मध्यप्रदेश की सियासत में अब एक बार फिर समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं. ग्वालियर के महाराज यानी ज्योतिरादित्य सिंधिया को बड़ा झटका (Executive) लगा है. उपचुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड के बाद हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब भाजपा में ज्योतिरादित्य सिंधिया को साइड लाइन किया जाना शुरू कर दिया गया है. 

दरअसल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने 11 महीने के लम्बे  इंतजार के बाद बुधवार को अपनी टीम (Executive) का ऐलान कर दिया है. पहले आना जा रहा था कि इस टीम में सिंधिया समर्थकों को तरजीह दी जाएगी. लेकिन शर्मा की बनाई कार्यकारिणी में पहले की तरह सीएम शिवराज सिंह चौहान के समर्थकों को सबसे ज्यादा तरजीह दी गई है. इस टीम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को शामिल कर शर्मा ने सियासी संतुलन साधने की कोशिश की है. लेकिन इसमें सबसे बड़ा झटका राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगा है. क्योंकि सिंधिया के एक भी समर्थक को नई कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली.

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शिवराज सिंह चौहान के कम से कम 8 करीबियों को वी डी शर्मा ने अपनी टीम में शामिल किया है. शर्मा की टीम में कांतदेव सिंह उपाध्यक्ष बनाए गए हैं. उन्हें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का समर्थक माना जाता है. तोमर के एक अन्य करीबी मदन सिंह कुशवाहा प्रदेश मंत्री बने हैं. इसी तरह, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के समर्थक जीतू जिराती और विधायक बहादुर सिंह सोंधिया को शर्मा ने प्रदेश मंत्री बनाया है.

सियासी हलकों चर्चाएं थी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कुछ समर्थकों को भी शर्मा की टीम में शामिल किया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सिंधिया का एक भी समर्थक नई कार्यकारिणी में शामिल नहीं है. ये सिंधिया के साथ साथ सियासी समर्थकों को बड़ा झटका है. क्योंकि पिछले दिनों सिंधिया समर्थकों के लिए खास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था. जिसमें सिंधिया समर्थकों को भगवामय रंगा गया था. जिसके बाद सिंधिया समर्थकों की गई थी… लेकिन अब नई टीम सामने आने के बाद एक बार फिर सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई है.