आंदोलन को लेकर 9वें दौर की वार्ता कल, लेकिन किसान आज ले सकते हैं बड़ा फैसला!

Farmers Protest
Farmers Protest

The Fact India: नए कृषि कानूनों  के खिलाफ आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे  किसानों को दिल्ली की सरहदों पर डटे हुए प्रदर्शन 49 दिन बीत चुके हैं. लेकिन अफसोस की बात ये है कि अभी तक सरकार इस मामलात को लेकर कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाई है. हालांकि उम्मीद है कि गुरूवार को किसान और केंद्र से बातचीत को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. आपको बता दें कि 8वें दौर की मुलाकात बेनतीजा रहने के बाद दोनों पक्षों के बीच 15 जनवीर यानि शुक्रवार को बातचीत हो सकती है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की दो टूक

कल शुक्रवार को किसान और सरकार 9वीं बार आमने-सामने होंगे. हालांकि, सरकार को इस बार होने वाली बातचीत से काफी ज्यादा उम्मीदें हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि कोई विकल्प मिलेगा और वे मामले के निपटारे की ओर बढ़ेंगे. हालांकि, सरकार भी अपना मत साफ कर चुकी है कि नए कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा. पत्रकारों से बातचीत के दौरान तोमर ने कहा था कि सरकार कानूनों में संशोधन करने के लिए तैयार है, लेकिन कानूनों के वापस लिए जाने का कोई विकल्प नहीं है.

किसान इस बात को लेकर हैं नाराज
एक तरफ किसान नए कानूनों पर रोक लगाए जाने के फैसले का समर्थन कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर संगठनों ने अदालत की तैयार समिति पर भी सवाल उठाए हैं. किसानों का मानना है कि समिति में उन लोगों को भी शामिल किया गया है, जो नए कानूनों का समर्थन कर रहे हैं. बीते दिनों मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह जिंदगी और मौत का मामला है. हम कानूनों को लेकर चिंतित हैं. हम आंदोलन की वजह से प्रभावित हो रहे लोगों के जीवन और संपत्ति को लेकर चिंतित हैं. हम परेशानी को सबसे अच्छे तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.