Terrorists : आतंकियों के निशाने पर थे देश के त्योंहार, यूं पकड़े गए देश के दुश्मन

The Fact India : हिंदुस्तान की सुरक्षा ऐजेंसियां अगर वक्त पर अपनी चौकस निगाहें नहीं रखती तो शायद देश के कुछ हिस्सों में आतंकी घटनाओं को अंजाम दे दिया जाता. दअसल मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने आने वाले त्योहारों के दौरान देश में धमाके कराने की पाकिस्तानी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 6 आतंकियों (Terrorists) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में विस्फोटक और हाई क्वालिटी हथियार बरामद किए हैं. पकड़े गए आतंकियों में से 2 ने पाकिस्तान में बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी. बताया जाता है कि पकड़े गए आतंकी दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस के इशारे पर नवरात्रि और रामलीला के दौरान सीरियल ब्लास्ट करना चाहते थे. सभी आतंकियों को आज कोर्ट में पेश किया गया. जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

दिल्ली समेत तीन राज्यों से पकड़े गए आतंकियों (Terrorists) का यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के DCP प्रमोद कुशवाह ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद एक मल्टी स्टेट ऑपरेशन चलाया गया था. इस दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से ये आतंकी पकड़े गए. पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेने वाले आतंकियों के नाम ओसामा और जीशान कमर हैं. बाकी चारों आतंकियों के नाम मोहम्मद अबु बकर, जान मोहम्मद शेख, मोहम्मद अमीर जावेद और मूलचंद लाला हैं.

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर नीरज ठाकुर के मुताबिक उनके पास 10 टेक्निकल इनपुट थे. सबसे पहले महाराष्ट्र से एक आतंकी को पकड़ा गया. दो लोग दिल्ली में पकड़े गए और इसके बाद उत्तर प्रदेश से 3 लोग अरेस्ट किए गए. इनमें से 2 आतंकी अप्रैल में मस्कट गए थे जिन्हें मस्कट से बाई शिप पाकिस्तान ले जाया गया था… वहां एक फार्म हाउस में रखकर विस्फोटक बनाने और AK-47 चलाने की 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई थी.

ठाकुर ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों को 2 टीमों में बांटा गया था. इनमें से एक को दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इब्राहिम गाइड कर रहा था. आतंकियों की इस टीम का काम सीमा पार से हथियार लाना और उन्हें अलग-अलग राज्यों में भेजना था. यही टीम आने वाले त्यौंहारी मौकों पर IED प्लांट करने वाली थी और नवरात्रि और रामलीला के दौरान भीड़ भरे इलाके इनके निशाने पर थे.

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पुलिस को शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि हथियार लाने वाली टीम को सपोर्ट देने के लिए दूसरी टीम को हवाला के जरिए पैसा लाने और आतंकियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी. इसी टीम के ऊपर बाकी आतंकियों के लिए सपोर्ट सिस्टम तैयार करने की जिम्मेदारी थी.

ठाकुर ने कहा, ‘पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेकर ये लोग मस्कट लौटे. मस्कट से 15 बांग्ला बोलने वाले लोगों को भी पाकिस्तान ले जाया गया था. लगता है उन्हें भी ट्रेनिंग दी गई है. पुलिस पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के लिए इन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है.

वहीं आपको ये भी बता दें कि इनमें से एक जान मोहम्मद को ट्रेन के कोटा रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही दबोच लिया गया. दिल्ली पुलिस ने गिरफ्त में आए 6 आतंकियों में से एक को कोटा रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा.  दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ट्रेन में सफर कर रहे जान मोहम्मद का पीछा कर रही थी. जान मोहम्मद दिल्ली जा रहा था. ट्रेन को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर कोटा पहुंचना था. मंगलवार को ट्रेन के कोटा पहुंचने से पहले ही सुबह लगभग साढ़े 6 बजे दिल्ली क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर की टीम ने उसे कस्टडी में ले लिया. दिल्ली पुलिस के इस ऑपरेशन का ना तो आरपीएफ को पता लगा, ना जीआरपी को. बताया जा रहा है कि जान मोहम्मद का ट्रेन के S-6 कोच में रिजर्वेशन था. दिल्ली पुलिस उसे S-4 कोच में बैठाकर ले गई. S-4 कोच काफी खाली था. सीट विवाद का मामला सामने आने पर दिल्ली पुलिस ने जान मोहम्मद को वांटेड बताया था.

वहीं दूसरी ओर एक अन्य कार्रवाई में ओडिशा के बालासोर से पुलिस ने DRDO के चार कर्मचारियों को जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया है. चांदीपुर सेंटर में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले ये चारों कर्मचारी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी एजेंट्स को भेज रहे थे. पुलिस ने बताया कि इसके लिए उन्हें पाकिस्तानी एजेंट मोटी रकम दे रहे थे. गिरफ्तार कर्मचारियों पर ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट समेत दूसरी धाराएं लगाई गई हैं.