बारिश के दिनों में क्यों होता है फंगल इंफेक्शन? जाने फंगल इंफेक्शन के कारण व बचाव के तरीके

The Fact India : बारिश का मौसम यानी हर तरफ हरयाली, मौसम की ठंडी हवा और बारिश के बाद भीगी मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू हर किसी को सुकुन देती हैं. लेकिन इस मौसम के साथ ही अनको बिमारीयां हमारे शरीर को लग सकती है. बरसात के मौसम में कई तरह का स्किन इंफेक्शन होने का खतरा रहता है. जिसमें शरीर में दाने, खुजली, फोड़े और स्कैल्प का रुखापन शामिल है. लेकिन इन सब से परे बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण (Fungal Infection) जो 7सर्वाधिक परेशानी का सबब बनते हैं. अगर समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए तो ये गंभीर रूप भी ले सकते हैं.वैसे तो फंगल इंफेक्शन मानसून के सीजन की बहुत ही आम समस्या में से एक है लेकिन इससे बचाव के तरीके मालूम होना बहुत जरूरी है. आज हम आपको फंगल इंफेक्शन केकारण और बचाव के तरीके बता रहे हैं.

फंगल इंफेक्शन (Fungal Infection) के कारण

-कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली भी फंगल संक्रमण का कारण बनती है.

-ज्यादातर गर्म, नम वातावरण तथा नम त्वचा क्षेत्र इस संक्रमण के होने का प्रमुख कारण होते है.

-अधिक वजन और मोटापा भी इसका एक कारण बन सकता है। जांघों पर अतिरिक्त चर्बी, नियमित

और लंबे समय तक साईकिल चलाने या जॉगिंग करने से इस हिस्से में अतिरिक्त नमी और रगड़ होने लगती है.लगातार इस रगड़ से त्वचा में रैशेज हो सकते हैं.

-अधिक पसीना, फंगस के बढ़ने का कारण हो सकता है

-आनुवांशिकी कारक या फंगल संक्रमणका पारिवारिक इतिहास भी इस संक्रमण का प्रमुख कारण होता है.

-महिलाओं में सेनेटरी पैड से भी जांघों के आस-पास संक्रमण हो सकता है.

-पाउडर, डियोड्रेंट, कपड़ा धोने के लिए इस्तेमाल होने वाले डिटर्जेंट पाउडर के एलर्जी के कारण भी जांघों के बीच के ग्रोइन एरिया में रैशेज हो सकते हैं.

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आमतौर पर मानसून के दौरान फंगल पैदा करने वले जीवाणु कई गुना तेजी से फैलते हैं. मानसून के दौरान लोग हल्की बूंदा-बांदी में भीगने के बाद अक्सर त्वचा को गीला छोड़ देते हैं. यही छोटी-सी असावधानी कई बार फंगल से संक्रमित होने का कारण बन जाती है, क्योंकि नमी में त्वचा पर फफूंद संक्रमण यानि बढ़ता है.बरसाती मौसमउमस और नमी भरे वातावरण में फंगस का आक्रमण बढ़ जाता है. यही कारण है कि इन दिनों अधिकतर लोग फंगल इंफेक्शन का शिकार होते हैं. इम्यून सिस्टम यानि रोग प्रतिरोधी क्षमता का कमजोर होना-स्किन इंफेक्शन की बड़ी वजह होती है. इस मामले में त्वचा संक्रमण का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है. जून, जुलाई और अगस्त के महीने के दौरान यह समस्या काफी बढ़ जाती है.

फंगल इंफेक्शन को दूर करने के घरेलू उपाय

नारियल तेल

अगर आपकी स्किन खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्या से जूझ रही है तो इस स्थिति में आप नारियल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके उपयोग से आपकी समस्या कम हो सकती है। दरअसल, नारियल तेल में एंटी-एलर्जिक, एंटी बैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, तो बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन से बचाव करने में आपकी मदद कर सकते हैं.

एलोवेरा जेल

फंगल इंफेक्शन और खुजली से राहत पाने के लिए एलोवेरा जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है. एलोवेरा जेल में मौजूद गुण स्किन की समस्याओं से राहत दिलाने में प्रभावी हो सकता है. इससे आप खुजली, सूजन और इंफेक्शन जैसी समस्या से कुछ ही दिनों में राहत पा सकते हैं.

-इन बातों का रखें ध्यान

* ठंडे या गीले कपड़े पहनने से बचें

* बारिश में भीगने के बाद तुरन्त शरीर को पूरी तरह सुखाएं और साफ व सूखे कपड़े पहनें

* हाथ पैरों को साफ रखें और गीले मोजे या फुटवेयर पहनने से बचें

* अगर कोई व्यक्ति संक्रमित है तो उसका तौलिया, कंघा, कपड़े आदि का इस्तेमाल अन्य स्वस्थ व्यक्ति न करें

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