उदयपुर में रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचते एक डॉक्टर और MBBS स्टूडेंट गिरफ्तार !

Remedesivir injection

The Fact India: भारत भर में कोरोना संक्रमण भयावह रूप लेता जा रहा है। इसी बीच जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर (Remedesivir injection) की कालाबाजारी की शिकायतें भारत भर से आ रही है। इसी क्रम में  राजस्थान के उदयपुर में भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की लगातार सूचनाएं आ रही थी । इस पर उदयपुर पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने ऑपरेशन करते हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए लोगों में डॉक्टर मोहम्मद अजीज खान पुत्र मोहम्मद अफजल खान उम्र 27 वर्ष निवासी सवीना और एमबीबीएस मोहित पुत्र शांतिलाल पाटीदार उम्र 21 वर्ष निवासी चिखली डूंगरपुर को गिरफ्तार किया गया है। यह कैडिला कंपनी के ₹899 एमआरपी कीमत के रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remedesivir injection) को मार्केट में ₹35000 में बेच रहे थे । उदयपुर पुलिस के एडिशनल SP गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि फिलहाल आरोपियों से पूछताछ शुरू उनके साथियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

डिकॉय ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए एक पुलिसकर्मी ने रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remedesivir injection) की कालाबाजारी कर रहे लोगों के बारे में पता किया और इसी दौरान दौरान पुलिस का डॉक्टर अबीर से संपर्क हुआ । पुलिसकर्मी ने आम आदमी बनकर डॉक्टर से बात की और डॉक्टर अबीर से रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध करवाने को कहा। डॉक्टर अबीर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए ₹35000 की मांग की और इस कालाबाजारी में डॉक्टर अबीर के साथ मेडिकल स्टूडेंट मोहित पाटीदार भी शामिल था । जब इंजेक्शन लेने के लिए आम आदमी बन कर बात कर रहे पुलिसकर्मी ने डॉक्टर अबीर से बात की तो डॉक्टर अबीर ने पुलिसकर्मी को एकलिंगपुरा चौराहे पर बुलाया। जैसे ही आरोपित वहां पर पहुंचे, सादा वर्दी पहने पुलिसकर्मी ने इंजेक्शन लिया और तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।